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Rebellion of Ajit Pawar: Ajit Pawar’s resignation from the post of Leader of Opposition : अजित पवारान्चे बंड : अजित पवार यान्चा विरोधी पक्षनेतेपदाचा राजीनामा

Rebellion of Ajit Pawar: Ajit Pawar’s resignation from the post of Leader of Opposition: अजित पवार की बगावत: अजित पवार का विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा

 

The recent development in Maharashtra politics, where Nationalist Congress Party (NCP) leader Ajit Pawar joined the state government as Deputy Chief Minister, has led to a press conference by NCP supremo Sharad Pawar. During the conference, Sharad Pawar acknowledged Ajit Pawar’s decision as a deviation from the party’s stance and hinted at it being seen as a rebellion. Sharad Pawar also addressed the previous allegations of corruption against the NCP, stating that they were unfounded, and expressed gratitude for the continued support of NCP colleagues.

 

He mentioned that a meeting was scheduled for July 6 to discuss organizational decisions but highlighted that certain individuals within the party were asserting authority over decision-making, suggesting their dominance over the party. Pawar assured that the role of other legislative members would become clear in the coming days. He remained steadfast in his belief in the strength of the party workers and their unwavering commitment to the NCP. He also stated that even if the party faced legal action, they would seek support from the people. The current situation has created intrigue and speculation in the political landscape of Maharashtra. The internal dynamics of the NCP and their future course of action will likely become clearer as the situation unfolds.

 

Hindi Translation:

महाराष्ट्र की राजनीति में हालिया घटनाक्रम, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजीत पवार उपमुख्यमंत्री के रूप में राज्य सरकार में शामिल हुए, उसके बाद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कॉन्फ्रेंस के दौरान शरद पवार ने अजित पवार के फैसले को पार्टी के रुख से विचलन माना और इसे बगावत के तौर पर देखे जाने का संकेत दिया. शरद पवार ने एनसीपी के खिलाफ भ्रष्टाचार के पिछले आरोपों को भी निराधार बताते हुए संबोधित किया और एनसीपी सहयोगियों के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने उल्लेख किया कि संगठनात्मक निर्णयों पर चर्चा के लिए 6 जुलाई को एक बैठक निर्धारित की गई थी, लेकिन इस बात पर प्रकाश डाला कि पार्टी के भीतर कुछ व्यक्ति निर्णय लेने पर अधिकार का दावा कर रहे थे, जो पार्टी पर उनके प्रभुत्व का सुझाव दे रहा था। पवार ने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में अन्य विधायक सदस्यों की भूमिका स्पष्ट हो जाएगी। वह पार्टी कार्यकर्ताओं की ताकत और राकांपा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता में अपने विश्वास पर दृढ़ रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा, तो भी वे लोगों से समर्थन मांगेंगे। मौजूदा स्थिति ने महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में साज़िश और अटकलें पैदा कर दी हैं। जैसे-जैसे स्थिति सामने आएगी, एनसीपी की आंतरिक गतिशीलता और उनकी भविष्य की कार्रवाई स्पष्ट हो जाएगी।


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